


छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से व्यवस्थाएं चौपट हो गई हैं। दंतेवाड़ा जिले में हुई तेज बारिश के कारण इंद्रावती नदी उफान पर है। इससे शंखनी-डंकनी नदी का पानी नाले में नहीं बह पाया और आसपास के गांवों में भारी तबाही मची है। अब तक 2196 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा चुका है।
डंकनी-शंखनी संगम पर बना पुल बहा
दंतेवाड़ा नगर के चितालंका बाइपास में डंकनी-शंखनी नदी के संगम पर बना 120 मीटर लंबा पुल बह गया है।
अन्य पुल और रेल पटरियां भी तबाह
गीदम-बारसूर मार्ग पर गणेश बहार नाले पर बने पुल के साथ-साथ कई छोटे पुल भी बह गए हैं। कुम्हारसाडरा-दाबपाल के बीच किरंदुल-कोत्तवालसा रेल लाइन की पटरियां और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन) भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
100 से अधिक गांवों का शहर से संपर्क टूटा
भुसारास-कुकानार मार्ग पर कुन्ना में पुल और बालेपेट के रास्ते पर बने पुल भी बह गए हैं। इस कारण लगभग सौ से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। 200 से अधिक मकान बारिश की वजह से गिर गए हैं। पनेड़ा के पास नेशनल हाईवे का पुल बह जाने से करीब 20 घंटे तक आवाजाही बंद रही।छोटे वाहन वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही कर रहे हैं, जबकि पुल के दोनों ओर ट्रकों और बसों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।