


दुर्ग जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
नदी किनारे मजदूरों को हटाया गया, शहर के वार्डों में जलभराव
बढ़ते खतरे को देखते हुए SDRF की टीम को तैनात कर दिया गया है। नदी किनारे बने ईंट भट्ठों में काम कर रहे मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। दुर्ग शहर के शंकर नगर, बोरसी, मीनाक्षी नगर, गया नगर, मालवीय नगर चौक, जल परिसर, पद्मनाभपुर और अन्य क्षेत्रों में पानी भर गया है।
निचली बस्तियों में भी पानी भरा
भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप में कई सेक्टरों के आवासों में पानी घुस गया है। वहीं, भिलाई नगर निगम क्षेत्र की निचली बस्तियां भी जलमग्न हो गई हैं। सेक्टर-6 की सड़क नंबर 37 पर भारी बारिश के चलते 60 साल पुराना नीम का पेड़ गिर गया, जिससे एक कार दब गई। गनीमत रही कि इसमें कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ।अंजोरी चौकी अंतर्गत ग्राम थनौद में भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। बाढ़ के कारण यहां काम कर रहे मजदूर नदी के पानी में फंस गए थे। SDRF की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर 32 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी शामिल थे।