


नागपुर में मराठा शासकों पर कई पुस्तकें लिख चुके दिवंगत सुमंत टेकाडे की किताब ‘युगंधर शिवराय’ के विमोचन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज आज के आदर्श हैं और उनके कार्य लोगों और राष्ट्र, दोनों के लिए अनुकरणीय हैं।
उन्होंने कहा कि केशव हेडगेवार, माधवराव गोलवलकर और बालासाहेब देवरस जैसे संघ नेताओं ने हनुमान को पौराणिक युग का और शिवाजी महाराज को आधुनिक युग का ‘आदर्श’ बताया था। भागवत ने कहा कि शिवाजी महाराज को ‘युगपुरुष’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने देश में मुगल आक्रमण सहित अन्य आक्रमणों के चक्र को रोक दिया था।
भागवत ने कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से शुरू हुए आक्रमण और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण ने सब कुछ नष्ट कर दिया। तब अनेकों प्रयत्नों के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, परन्तु शिवाजी महाराज ने समाधान दिया, एक के बाद एक वीर गाथाएं सामने आईं।
भागवत ने कहा कि शिवाजी महाराज आज भी प्रासंगिक हैं और हम सभी व्यक्तियों और राष्ट्र के लिए उनका अनुसरण करने का एक उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने शिवाजी पर बनी फिल्म में काम किया। इस फिल्म के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया।