


राजनीति एक मंच है और योगदान मेरी क्षमता है, कोई भी व्यक्ति योगदान करने की अंतिम आयु तय नहीं कर सकता - यह कहना है वरिष्ठ भाजपा नेता औरपूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती जी का। उन्होंने शनिवार को कहा कि कोई भी राजनीतिक दल सेवानिवृत्ति की आयु निर्धारित कर सकता है, लेकिन कोई भी व्यक्ति योगदान करने की क्षमता की अंतिम आयु निर्धारित नहीं कर सकता है।
राजनीति में उम्र पर सवाल
उमा भारती से उनकी पिछली टिप्पणी के बारे में पूछा गया था कि राजनीति में सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं होती है। भारती ने कहा, 'कोई भी संगठन, राजनीतिक दल, संस्था सेवानिवृत्ति की आयु तय कर सकती है, लेकिन योगदान की नहीं। योगदान की कोई उम्र नहीं होती। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब है कि वह अनिश्चित काल तक राजनीति में बने रहने का इरादा रखती हैं, तो भारती ने स्पष्ट किया, 'राजनीति एक मंच है और योगदान मेरी क्षमता है, भगवान ने मुझे यह दिया है और यह मेरे अंतिम समय तक मेरे साथ रहेगा।'
प्रतिबद्धताओं के प्रति ईमानदार
उन्होंने लोगों और जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को समझाते हुए कहा, 'मेरी एक कमजोरी है कि मैं अपनी प्रतिबद्धताओं के प्रति बहुत ईमानदारी से समर्पित हूं। अगर मुझे संसदीय सीट के लिए चुनाव लड़ना है तो मुझे अपना सारा समय और ईमानदारी वहां के लोगों को समर्पित करनी पड़ेगी। अगर किसी को कोई कठिनाई होती है, तो मुझे उसके बारे में दोषी महसूस होगा। मैं एक उद्देश्य-उन्मुख व्यक्ति हूं और चुनाव लड़ने का मेरा निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि मेरा उद्देश्य बाधित होगा या नहीं।'